विराटनगर । जलबिन्दु रोगके कारण सम्भावित अन्धापनसँ बंचएलेल नियमित आँखिके परीक्षण करएनाई आवश्यक रहल चिकित्सकसब बतौने अछि ।
अहि रोगक कारण दृष्टिविहीन भेलापर दृष्टि घुमएनाई सम्भव नैरहलास पुर्व सर्तकता आवश्यक रहलल चिकित्सकसब बतौने अछि । विराटनगर मलायारोडस्थित दिब्यज्योती अस्पताल प्रालिद्वारा मार्च १२ सँ १८ गतेधरि आयोजन कएलगेल सप्ताहब्यापी जलबिन्दु सचेतना सप्ताहके समापन अवसरमें बजैत अस्पतालक नेत्र तथा जलबिन्दु रोग बिशेषज्ञ डाक्टर प्रमोद शर्मा गौतम प्राय ४० बर्ष उमर पार केनिहार ब्यक्ती तथा परिवारमें जलबिन्दुके पृष्ठभुमि रहल ब्यक्तीसब अहि रोगके जोखिममें परिरहल बतौलनि ।
अधिकांशमें लक्षण नैदेखाएबला अहि रोगकें कारण दृष्टि समाप्त भेलापर घुमएनाई सम्भव नैरहल बतबैत डाक्टर गौतम समय रहिते रोगके पहचान भसक्लापर दृष्टि क्षमताके यथावत रोकल जासकैत अछि बतौलनि । अहि रोगके कारण दृष्टि सम्बन्धि नशा सुखएलोपर विमारके अन्तिम अवस्थामें मात्र पता लगैत अछि बतबैत डाक्टर गौतम नियमित आँखि जाँच करएनाई आवश्यक रहल बतौलनि ।

नेपालमे २ प्रतिशत ब्यक्तीसबमें इ रोग देखाइत आएल डाक्टर गौतम जानकारी देलनि । जलबिन्दु सप्ताहब्यापी कार्यक्रमके अवसरमें अस्पताल जलबिन्दुके चेकजाँचमें निशुल्क ओपिडी,प्रयोगशाला परीक्षणमें २५ प्रतिशत छुट तथा विराट बहिरा माविमें निशुल्क शिवीर संचालन कएने छल ।
समापनके अवसरमें सचेतनामुलक प्रभातफेरी सेहो निकाललगेल छल । अस्पताल परिसरसँ निकाललगेल चिकित्सक तथा स्वास्थ्यकर्मीके प्रभातफेरी नगरक्षेत्रके विभिन्न भागके परिक्रमा करैत सिमाक्षेत्रमें जाक कोणसभामें परिणत भेल छल । उक्त अस्पताल बार्षिक लगभग १२ हजार आँखिके शल्यक्रिया आ ५० हजार ब्यक्तीके आँखि परीक्षण करैत आएल बताओलगेल अछि ।
एखनिधरि १० हजार जलबिन्दुके रोगीके उपचार सेहो कचुकल अस्पताल जानकारी देने अछि ।





