–प्रवीण कर्ण
पुस २८,बढैतगेल ठण्ढीसंगे तराईमें महिलासबद्वारा गाईमालके गोवरसँ बनाएलजाएबला गोईठाके मांग बढल अछि । भन्सा रान्हलेल वैकल्पिक इन्धनकेरुपमें प्रयोगके उद्धेश्यसँ तथा बढैतगेल सर्दीसंगे गोइठाके घुर तापलेल मांग बढल अछि । गोइठाके आगि टिकाउ तथा जारनिसँ सस्ता भेलासँ गामघरमे एकर बहुतायतरुपमे प्रयोग होईत अछि । ठण्ढी महिनामें गाँओघरमें सामुहिकरुपसँ गोइठाके आगि तापल जाईत अछि । भन्सा रान्हलेल तथा घुर पजारलेल सेहो सहज होइत अएलासँ आईकाल्हि ग्रामिणक्षेत्रके घरे–घरसँ गोईठा बिक्री भरहल अछि ।
गोइठा बनाबलेल गाइमालके गोबर,भुस्सा आ सन्ठी प्रयोग कक चिपडी आ गोरहा बनाएल जाईत अछि । गोबरमें भुस्सा आ घासफुस सानिक चिपडी पाथिक रौदमें सुखाएल जाईत अछि । चिपडी गोलाकारमें तथा गोरहा ३ फिट तक लम्बाईमें पाथल जाईत अछि । .
गाँओघरके सार्वजनिक खेलमैदान,पोखरीके मोहार,सकड किनार तथा तारखजुरक गाछमें साटिक गोईठा बनाएलजाईत अछि । कार्तिक महिनासँ बनाएजाएबला गोइठा सुखाक बर्षातऋतु शुरु भेलाबाद अर्थात जेठ महिनाके अन्तममे जमा कक घर तथा गोहालीमें लजाक राखल जाईत अछि । तयारी गोईठा १० रुपैया सँ लक १५ रुपैया तकमें बिक्री भरहल गोइठाके ब्यापार करहल महिलासब बतबैत अछि ।
गोईठाके वजार सबदिन रहलोपर ग्रामिणक्षेत्रमें जाढके महिनामे बेसी बिक्री होइत अछि । बुढीगंगा गाउँपालिकाके कपुरिया देबी स्वयं २० टा सँ लक ४० टा तक गोईठा बेचैत आएल बतबैछथि । बिछक आनल तथा घरमें रहल गाईमालसँ जमा कएलगेल गोबरसँ अपने ३ प्रकारक गोईठा बनैत आएल कपुरिया बतबैछथि । गोईठा बिक्री सँ भेल आम्दनी अपन तथा धियापुताक लत्ताकपडा किनमें खर्च करैत आएल ओ बतबैछथि । गोईठा किननिहारसब दैनिकरुपमें घरेमें अबैत आएल हुनकर कहब अछि । गोईठाके माग बढलोपर जाढ महिनामें रौद नैलागके समस्याके कारण मांग अनुसारक गोईठा उत्पादन नैकसल कपुरिया बतबैछथि ।
गोईठा जरलाबाद निकलबला छाउर सेहो प्राङ्गरिक मलक रुपमें होईत अएलासँ बजारक्षेत्रमें सेहो गोईठाम प्रयोग होईत आएल मोहम्मद साफी बतबैछथि । बनजंगल तथा खेतबारीमें गाईमालद्वारा त्याग कएलगेल गोबरसँ बनगोईठाके निर्माण कएलजाईत अछि । बनगोईठा प्रायः बजारक्षेत्रक होटलसबमें प्रयोग कएलजाईत अछि । प्रतिबोरा ५० रुपैयासँ लक ८० रुपैयातकमें बनगोईठा बिक्री भरहल बताओलगेल अछि । मुख्यरुपमें समुहमें घुमिघुमिक गाईमाल पोसनिहार बथनियासब बनगोईठाके ब्यापार कक जीविकोपार्जन करैत अछि । सप्तरी मोहलीके राम सदा स्थानीय जंगलसँ बिछक आनलगेल बनगोईठा भारदहतकके होटलमें बेचै छथि । बनगोईठा बिछक बिक्री केनाई अपन जीविकोपार्जनके मुख्य आधार रहल ओ बतबैछथि । गोईठाके आगिपर रान्हलगेल दालि–भात लगायतक भोजन स्वादिष्ट सेहो होईत अछि गोईठाके प्रयोगकर्तासब बतबैत अछि ।
बहुउपयोगी गोईठाक’ ब्यापार बढ़ल
