१)
इएह सूर्य
एखन नीक लगैछ
जाड छैक ने ।

२)
जानि ने किए
गति थमिगेल छै
इजोत नै छै ।

३)

टङल छैक
शुलीपर सेहन्ता
हम ठाडे छी ।

४)

नै पढैछ
केओ हमर कृति
किएक लिखू ?

५)
पत्रकारिता !
समाचार नै छैक
पहिनेजकाँ ।

६)
गुलाब फूल
नै खिलखिलाइ छै
सुगन्धहीन ।

७)
जीवन-मूल्य
दाउपर लागल
हारल हम ।

८)

नहि सुनगै
आब गाममे घुर
मोन सुनगै ।

९)
हे महादेव
संहार कs ने दिअ
ई जीजिविषा ।
१०)
यूवा-शोणित
नवसृष्टि आकांक्षा
व्यंग नै छै ई ।

११)
ओ मरि गेलै
अहंकार जीवै छै
फूल झडलै ।

१२)

कहियोकाल
अर्थपूर्ण होइछ
चुप्पीक भाषा ।

सम्बन्धित खबरहरु