विराटनगर, २४ पुस । मैथिली कथा साहित्यक सुप्रसिद्ध हस्ताक्षर एवं विशिष्ट साहित्यकार रा.ना. (रामनारायण) सुधाकरक ७९ वर्षक उमेरमे निधन भऽ गेल अछि ।

विराटनगर–१४, भगवतीटोलस्थित अपन निवासमे बुध दिन (२३ पुस -७ जनवरी) दिनक ३ बजे हुनकर निधन भेल पारिवारिक स्रोत जानकारी देलक अछि ।

कथाकार सुधाकर श्वासप्रश्वास आ अन्य दीर्घरोगसँ ग्रस्त छलथि । विक्रम सम्बत् २००२ सालमे बारा जिलाक कलैया, मल्हनीमे हुनकर जन्म भेल छल । हुनक ३ टा बेटा आ १ गोटे बेटी छथि । साहित्यिक योगदान आ ‘दीयरि’ क चर्चा साहित्यकार सुधाकर मैथिली साहित्यमे कथा, कविता, गीत आ गजल विधाक अग्रणी व्यक्तित्व मानल जाइत छथि । हुनकर लिखल सुप्रसिद्ध दीर्घकथा ‘दीयरि’ त्रिभुवन विश्वविद्यालयक मैथिली संकाय (स्नातकोत्तर तह) क पाठ्यक्रममे सेहो समावेश अछि ।

पाँच दशकसँ बेसी समयसँ साहित्य साधनामें समर्पित सुधाकरक अनगिन्ती रचनासभ नेपाल आ भारतक प्रतिष्ठित पत्रपत्रिकासभमे प्रकाशित भऽ चुकल अछि । हुनकर पहिल कथा संग्रहक रूपमे २०७९ सालमे विराटनगरस्थित मिथिलेश्वरी मिडिया प्रा.लि. ‘दीयरि’ कथा संग्रह प्रकाशित कएने छल । उक्त संग्रहमे शीर्षक कथासहित २० टा दीर्घकथा समेटल गेल अछि ।

मिथिलेश्वरी मिडियाक अध्यक्ष नवीन कर्णक अनुसार सुधाकरक मौलिक कथा शिल्प आ विशिष्टताकेँ देखैत संस्था हुनकर पहिल पुस्तक प्रकाशन कएने छल ।

पुरस्कार आ सम्मान
साहित्यकार सुधाकर अपन जीवनकालमे अनेकौँ प्रतिष्ठित पुरस्कार आ सम्मानसँ सम्मानित भेल छलथि ः

नेपाल विद्यापति मैथिली पाण्डुलिपि पुरस्कार (२०६९)
आठम अन्तर्राष्ट्रिय मैथिली सम्मेलन सम्मान (२०५७)
मैथिली विकास अभियान सम्मान (२०६१)
श्याम–कला मैथिली सेवा पुरस्कार (२०६८)
सामाजिक महिला उत्थान समूह सम्मान (२०६९)
कोशी प्रदेश सामाजिक विकास मन्त्रालय सम्मान (२०७६)

अप्रकाशित कृतिसभसुधाकरक बहुत रास कृतिसभ एखनो प्रकाशनक प्रतीक्षा में अछि ।

हुनकर अप्रकाशित कृतिसभमे ः

कविता संग्रहः ‘अच्छत’, ‘धरोहर’ आ ‘प्रेमपत्र’
गीत संग्रहः ‘सयपत्री’ आ ‘कब–कब’
गीत–गजल संग्रहः ‘कागजके फुल’ आ ‘हिरा मोती’
कथा संग्रहः ‘विकल्प’ आ अन्य बहुत रास फुटकर रचनासभ ।

साहित्य साधना के अतिरिक्त ओ बहुतो समय धरि बाँसबारीस्थित कमला रोलिङ मिल्समे काज कएने छलथि । हुनकर निधनसँ मैथिली साहित्यिक क्षेत्रमे अपूरणीय क्षति पहुँचल अछि ।

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